Bharat Vishal

Tuesday, October 26, 2010

ऑक्टोपस पॉल की मौत


दक्षिण अफ़्रीका में हुए फ़ुटबॉल विश्व कप में सबसे लोकप्रिय रहने वाले लोगों या चीज़ों का ज़िक्र करें तो इसमें शकीरा, वुवुज़ेला और ऑक्टोपस पॉल का नाम ज़रूर आएगा.
फ़ाइनल समेत कई मैचों के विजेता की सही भविष्यवाणी करने वाले पॉल ऑक्टोपस की जर्मनी में मौत हो गई है. जर्मनी में ओबरहॉसन समुद्र जीव केंद्र ने कहा है कि पॉल की मौत उनके अक्वेरियम में प्राकृतिक कारणों से हुई है.
पॉल का जलवा फ़ुटबॉल विश्व कप के दौरान किसी स्टार से कम नहीं था. स्पेन और हॉलैंड के बीच फ़ाइनल मैच से पहले पॉल ने अपने अक्वेरियम में स्पेन का झंडा चुनकर ये भविष्यवाणी की थी कि मैच स्पेन जीतेगा.
ये बात सही भी साबित हुई. इसके बाद तो सारी दुनिया में पॉल मानो हीरो बन गया, ख़ासकर विश्व कप विजेता स्पेन में.
जर्मनी के सारे मैचों की भी पॉल ने सही भविष्यवाणी की थी जिसमें सेमीफ़ाइनल में स्पेन के हाथों उसकी हार भी शामिल थी.
पॉल का जलवा
स्पेन के शहर मैड्रिड के चिड़ियाघर ने तो पॉल को अपने यहां रखने की इच्छा जताई थी लेकिन जर्मनी के ओबरहॉसन समुद्र जीव केंद्र ने उस निवेदन को ठुकरा दिया था.
पॉल ऑक्टोपस के बारे में बताया जाता है कि उसकी पैदाइश दक्षिणी इंग्लैंड के एक मछलीघर में हुई थी और बाद में उसे जर्मनी के समुद्री जीव केंद्र को बेच दिया गया.
दक्षिण अफ़्रीका फ़ुटबॉल विश्व कप के बाद इंग्लैंड ने पॉल ऑक्टोपस को अपने ख़ास अभियान के लिए चुना था. दरअसल इंग्लैंड 2018 के फुटबॉल विश्व कप के लिए अपना दावा पेश कर रहा है जिसके लिए ऑक्टोपस को ब्रांड एम्बेसेडर बनाने का फ़ैसला किया गया था.
इंग्लैंड ने एक वीडियो भी शूट किया था जिसमें ऑक्टोपस को अपने अक्वेरियम में इस तरह दिखाया गया था कि वो लाल रंग की एक पट्टी को पकड़ता है जिस पर लिखा हुआ है - इंग्लैंड-2018.
पॉल ऑक्टोपस के आधिकारिक फोटोग्राफ़र रोलैंड वीकरोच बताते हैं कि शुरू में तो सिर्फ़ दो फोटोग्राफ़रों और एक टेलीविज़न टीम ने ही पॉल की तस्वीरें लेना शुरू की थीं लेकिन विश्व की दूसरी गेम के बाद पॉल ऑक्टोपस की लोकप्रियता बढ़ने लगी.

2 comments:

अशोक बजाज said...

पॉल बाबा का निधन अफसोस जनक है .

कृपया ग्राम चौपाल में पढ़े - भविष्यवक्ता ऑक्टोपस यानी पॉल बाबा का निधन

http://www.ashokbajaj.com/2010/07/blog-post.html

Surendra Singh Bhamboo said...

यह तो बहुत ही दुःखद हुआ जानकारी के लिए आपका आभार
हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

मालीगांव
साया