Bharat Vishal

Friday, October 29, 2010

तेज़ क़दम चलें, कैंसर से बचें

तेज़ क़दम चलें, कैंसर से बचें


भारत विशाल

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि लोग तेज़ चलने की आदत डाल लें तो स्तन कैंसर और आँत के कैंसर के मामलों में भारी कमी आ सकती है.

वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फ़ंड(डब्ल्यूसीआरएफ़) के वैज्ञानिकों का कहना है कि कोई ऐसा व्यायाम जिससे कि दिल की धड़कनें तेज़ हो जाती हों, कैंसर से बचाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण है.
शारीरिक व्यायाम से मोटापे का ख़तरा भी कम हो जाता है. उल्लेखनीय है कि मोटापे से कैंसर का ख़तरा बढ़ता है.
डब्ल्यूसीआरएफ़ की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि व्यायाम लगातार लंबे समय तक किया जाए, या छोटे-छोटे अंतराल में किया जाए, दोनों समान रूप से उपयोगी होते हैं.
वैज्ञानिकों ने तेज़ क़दम से टहलने के अलावा साइकलिंग, तैराकी, नृत्य आदि को भी कैंसर से बचाव में उपयोगी गतिविधियों में शामिल किया है.
अध्ययन की रिपोर्ट के महत्व को ब्रिटेन के परिदृश्य में देखते हुए डब्ल्यूसीआरएफ़ के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रैचल थॉम्पसन कहते हैं, "इस बात के ठोस सबूत मिल चुके हैं कि सक्रिय शारीरिक गतिविधियाँ से कैंसर से बचाव के लिए महत्वपूर्ण हैं. ऐसी गतिविधियों को थोड़ा सा बढ़ा कर भी हर साल ब्रिटेन में कैंसर के मामलों में हज़ारों की कमी लाई जा सकती है."
उन्होंने कहा, "नए अध्ययन से ये भी साबित होता है कि स्वास्थ्य संबंधी फ़ायदों के लिए रोज़ व्यायामशाला जाने की कोई ज़रूरत नहीं है. दिनचर्या में थोड़ा सा सुधार करने मात्र से ही कैंसर के ख़िलाफ़ बचाव हो सकता है. यहाँ तक कि तेज़ क़दम से टहलने मात्र से कैंसर का ख़तरा कम हो सकता है."
डॉ. थॉम्पसन ने पैदल चलने को शौक के रूप में अपनाने की सलाह दी है.
कैंसर रिसर्च यूके नामक एक अन्य ब्रितानी संस्था ने भी डब्ल्यूसीआरएफ़ के अध्ययन परिणामों को सही ठहराते हुए कहा है कि नियमित रूप से सामान्य व्यायाम करने वाले लोगों में स्तन और आँत के कैंसरों समेत कई तरह के कैंसर के मामले अपेक्षाकृत कम देखे जाते हैं.

4 comments:

ZEAL said...

Very informative post ---Thanks.

uthojago said...

true, can u suggest us more methods to treat cancer?

Anonymous said...

मुसलमानों का स्वर्ग -जन्नत
जन्नत के बारे में कुरआन की सूरा ५५ रहमान और सूरा ५६ अल वाकिया में बता गया है पाहिले सूरा रहमान से ,आयत नंबर दी गयी है
जन्नत में बड़े बड़े बाग़ होंगे ४६-४७,हर मेवा दो प्रकार का है ५२,बिछौने पर तकिया जो दबीज की रेशम का होगा बगिचेमे फल लटक रहे हैं ५३-५४.ऎसी लज्जावती औरतें होंगी ,जिनको किसी ने आज तक हाथ भी नहीं लगाया ,उनकी आँखें लाल मणि जैसी हैं ५६-५८.दो पानी के उबलत सोते हैं ६६,मेवे खजूर और अनार हैं ६८,सुन्दर औरतें हैं,जिनकी आँखें हिरनी जैसी हैं ,वे खेमों में रहती हैं ७०-७२ उन औरतों को जिन्न या मनुष्य ने हाथ नहीं लगाया है७४ सब हरी मसनादों और कालीन पर आराम करेंगे ७६
सुरा ५६ अल वाकिया के अनुसार जन्नत में
लोग जडाऊ तख़्त पर बैठेंगे ५६,वहां किशोर सुन्दर लड़के भी होंगे ,जिनकी आयु एक जैसी होगी १७ ,वे भर भर कर शराब पिलायेंगे १८ ,जिस पक्षी का मॉस चाहो खाओ २१,सुन्दर रूपवती औरते होंगी २२,दूर तक छाओं और बहता पानी है ,बहु सारे मेवे है ३०-३३,स्त्रियाँ हैं जिन्हें उठाव पर उठाया गया है ,वे कुमारियाँ हैं और प्यारी हैं ,सब्कीई आयु सामान है ३५-३७
अब मैं चाहता हूँ कि यह सब जानकर आप खुद ही फैसला करें कि सत्य क्या है .

सतीश सक्सेना said...

बढ़िया जानकारी के लिए शुक्रिया ! दीवाली की शुभकामनायें